बहुत जल्द ही बंद हो जाएंगे फेसबुक, वाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म

By: Red Alert Bureau
Aug 06, 2018

बहुत जल्द ही बंद हो जाएंगे फेसबुक, वाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म
फर्जी खबरें रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मो पर रोक लगाने पर हो रहा विचार


सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके फर्जी खबरें फैलाने और मॉब लिंचिंग की संभावनाओं के चलते सरकार फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे मोबाइल ऐप को ब्लॉक करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। सरकार बाल शोषण और पोर्नोग्राफी को रोकने का भी प्रयास कर रही है और कई बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इनके प्रसार में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसलिए सरकार इस तरह के सभी ऐप को इंटरनेट पर ब्लॉक करने के लिए विभिन्न संभावनाएं तलाश रही है। 
दूरसंचार विभाग ने 18 जुलाई को इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) और दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) कंपनियों को पत्र लिखकर इस तरह की संभावनाओं पर जवाब मांगा है। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारी के अनुसार विभाग ने 4 जुलाई को आईएसपी और दूरसंचार कंपनियों के साथ एक बैठक की थी, जिसमें बाल शोषण, पोर्नोग्राफी और फर्जी खबरों के इंटरनेट पर विस्तार को रोकने के बारे में चर्चा हुई। कुछ सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया कि पोर्नोग्राफी आदि इंटरनेट के बजाए व्हाट्सऐप जैसे मोबाइल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैलती हैं, इसलिए बैठक में इस तरह के प्लेटफॉर्म पर लगाम लगाने का फैसला लिया गया। 
दूरसंचार विभाग के 18 जुलाई के पत्र में कहा गया, ’इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से मामला उठाया गया और कुछ मोबाइल ऐप पर रोक लगाने की बात कही गई। इसलिए आपसे अनुरोध है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और इस तरह के दूसरे ऐप को इंटरनेट पर ब्लॉक करने की सभी संभावनाओं पर विचार करें।’ यह ध्यान देने योग्य है कि इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 19 जुलाई को व्हाट्सऐप को दूसरा नोटिस भेजकर कहा था कि यदि वह फर्जी खबरों को रोकने में नाकाम रहा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इससे पहले, मंत्रालय ने 2 जुलाई को पहला नोटिस भेजा था। हालांकि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को लगता है कि नई तकनीक के आने से इस तरह के ऐप पर रोक लगाना काफी कठिन होगा। इस नई तकनीक में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) शामिल है, जो टीएसपी और आईएसपी पर ब्लॉक की गई सामग्री तक उपयोगकर्ताओं की पहुंच बना देता है। एसोचैम का भी मानना है कि सेवा प्रदाता के स्तर पर ऐप ब्लॉक करने के प्रस्तावित उपाय काफी अनावश्यक हैं और इससे विश्व में भारत की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। फिलहालए वेबसाइट या यूआरएल को ब्लॉक करने के लिए दूरसंचार विभाग द्वारा इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिए जाते हैं। यह आईटी अधिनियम और टेलीग्राफ अधिनियम के तहत किया जाता है। 

 




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